बच्चे तो बच्चे
बच्चे कितने प्यारे होते हैं! वे मासूम और मन के सच्चे होते हैं I ईश्वर को तो किसी ने नहीं देखा है लेकिन जब हम किसी बच्चे को देखते हैं तो उसमें ईश्वर की छवि दिखाई देती है I अरे,अरे! ज्यादा भावुक न होइए, बच्चे जितने मासूम और सच्चे होते हैं उतने ही शरारती भी I प्रचालित भाषा में कहूँ तो 'बच्चे शैतान के नाना होते हैं I' मैंने बहुत से लोगों को यह कहते हुए सुना है कि हम दिनभर काम कर सकते हैं पर किसी बच्चे को संभालना हमारे बस की बात नहीं है I ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बच्चे एक क्षण के लिए भी शांत नहीं रहते I अपनी जिज्ञासा और कौतूहल के लिए एक के बाद एक अनेक प्रश्न पूछा करते हैं जिससे उनके आसपास के लोगों का सिर चकरा जाता है और लोग अपनी जान बचाकर भागने में अपनी भलाई समझते हैं I खैर दूसरे लोग जान बचाकर भाग सकते हैं लेकिन बच्चे के माता-पिता तो भाग नहीं सकते I तो मेरा ये लेख उन माता पिता के लिए है जो अपने बच्चों का अच्छा विकास, सर्वागीण विकास करना चाहते हैं I जो माता पिता अपने बच्चों से...