साहित्य और संसार

परिचय  

इस विशाल संसार में अनेक देश हैँ I 
इन देशों के अपने साहित्य हैं I 
किसी देश का साहित्य उसके समाज का दर्पण होता है I 
किसी समाज का साहित्य पढ़कर हम उसके बारे में पर्याप्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं I  

साहित्य का इतिहास 

वैसे तो साहित्य का इतिहास कब से प्रारंभ हुआ इसके बारे में स्पष्ट रूप से कह पाना थोड़ा मुश्किल है फिर भी यह अनुमान लगाया जाता है कि साहित्य लेखन की शुरुआत लगभग तीन हजार साल पहले सुमेरियन सभ्यता में हुई थी I कुछ विद्वान वेदों को सबसे प्राचीन साहित्यिक अभिलेख मानते हैं I  

साहित्य का  योगदान  

आज  सम्पूर्ण संसार में ढेरों  साहित्य उपलब्ध हैं I ये साहित्य अलग अलग विषय पर लिखे गए हैं I इनमें मानवीय गुणों का चित्रण किया गया है I मानवीय भावनाएं जैसे प्रेम, क्रोध, विनोद, ईर्ष्या आदि को प्रभावी तरीके से दिखाया जाता है I यही कारण है कि ये साहित्य समाज का आईना कहलाते हैं I इन साहित्यिक सामग्रियों का अनुकरण करके समाज उत्तरोत्तर अपनी उन्नति कर रहा है I 

निष्कर्ष 

साहित्य ही हमारे सामाजिक विकास को सही दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं I इस लिए आज इस संसार के हर देश, हर मनुष्य को अच्छे साहित्य  तथा अच्छे साहित्यकारों का समर्थन करके उनका उत्साहवर्धन करना चाहिए 

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