FILM (चलचित्र)
आज फ़िल्में हमारे जीवन की आम जरुरतों में शामिल हैं I प्रकाशन-प्रसारण के विविध माध्यमों की सहायता से हम प्रतिदिन कम से कम एक फिल्म, कुछ धारावाहिक, live shows इत्यादि तो देखते ही हैं I जो हमारी थकी-हारी जिंदगी में रोमांच और उत्साह भर देते हैं I ये फ़िल्में जितनी रोमांचक होती हैं उतनी ही रोमांचक इनके आविष्कार की कहानियां हैं I
फिल्म के इतिहास की शुरुआत कब हुई इसका सही सही अनुमान लगा पाना थोड़ा मुश्किल है सम्भवतः कैमरे के आविष्कार ने ही फ़िल्मों को जन्म दिया होगा I कैमरे का आविष्कार लगभग एक हजार वर्ष पूर्व हुआ था I एक इराकी वैज्ञानिक इब्न-अल-हजैन ने कैमरा बनाया था I इसके पश्चात जोहन जहां ने 1685 ईस्वी में कैमरे का एक डिजाइन बनाया था I आगे चलकर 1816 से 1820 के बीच में फ्रांस के एक इंजीनियर जोसेफ नाइसफोर निपसे और उनके साथी लुइस डॉगेर ने फोटो खींचने के कई प्रयास किए 1826 ईस्वी में कैमरे की मदद से पहली फोटोग्राफ निकाली थोडा और आगे बढ़ते हैं I 1840 ईस्वी में हैनरी फॉक्स ने कैलोटाइप्स नामक एक नई प्रोसेस विकसित की जिससे एक फोटो की कई सारी copies बनाई जा सकती थींl
कैमरा एक प्रकाशीय युक्ति होता है जो किसी स्थिर वस्तु की छवि (photograph) खींच सकता है I वहीं चलचित्र किसी परिवर्तनशील अथवा चलायमान वस्तु के छोटे समय के अन्तर पर खींचे गए चित्रों का क्रम से चलने वाला समूह होता है I जॉर्ज ईस्टमैन सन् 1888 में एक कैमरा मार्केट में लाए जिसका नामकरणं किया-kodek I
सबसे पहला कैमरा लकड़ी का बना था I यह लकड़ी का एक बक्सा था जिसकी एक ओर लेंस और दुसरी ओर प्रकाश संवेदी सामग्री लगी होती थी I इस कैमरे से एक छवि लेने में कई दिनों का समय लगा फिर भी हम इसे photography का जन्म कह सकते हैं I
फिल्म का आविष्कार 19 वीं शताब्दि के उत्तरार्द्ध में हुआ था I फिल्म के आविष्कार का श्रेय किसी एक व्यक्ति को देना उचित नहीं लगता क्योंकि इस आविष्कार के पीछे अनगिनत दिलचस्प कहानियां हैं I इस एक लेख में सभी के बारे में लिख पाना आसान नहीं है I इन अनगिनत दिलचस्प कहानियों में से एक कहानी लुइस लें प्रिंस की है I सन् 1880 में लुइस ने प्रथम मोशन पिक्चर कैमरे का आविष्कार कियाl सन् 1888 तक उन्होंने 'राउंडह गार्डन सीन' सहित अन्य कई लघु फ़िल्मों को रिकार्ड किया I ये रिकॉर्डिंग उन्होंने लीड्स इंग्लैंड में की थी I
अपने इस अद्भुत, अभूतपूर्व आविष्कार का प्रदर्शन वे न्यूयॉर्क सिटी में करने वाले थे लेकिन सन् 1890 में फ्रांस में कहीं लापता हो गए उनके गायब होने का रहस्य कभी सुलझ नहीं पाया इसके बाद लूमिएरे बंधुओं ने फ्रांस में सिनेमेटोग्राफ नामक उपकरण की सहायता से फ़िल्में रिकार्ड की I ये वो दौर था जब लोग पैसे खर्च करके फ़िल्में देखने लगे I इसी दौरान भारत मुंबई में भी फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया I
प्राप्त आकड़ों के अनुसार पूरी दुनियां में लगभग 600000 से भी अधिक फ़िल्में बनाई जा चुकी हैं और आज भी लगातार फ़िल्मों का निर्माण कार्य चल रहा है I 1880 में जब लुइस ने पहली फिल्म रिकॉर्ड की तब उसमें न रंग था और न ही आवाज I रंगहीन और ध्वनिहीन फ़िल्मों का यह सिलसिला 19 वीं सदी के अंत तक चला l सन् 1912 में 'With Our Kings and Queens Through India' फिल्म आई जो कुछ हद तक रंगीन थी वैसे इसमें आवाज नहीं थी I दस साल बाद सन् 1922 में 'The Toll Of The Sea' फिल्म आई जो पूरी तरह रंगीन थी I 5 साल बाद सन् 1927 में फिल्म 'द जैज सिंगर' आई जिसमें ध्वनि भी थी I भारत में पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' सन् 1931 में तथा पहली रंगीन फिल्म 'किसान कन्या' जो सन् 1937 में आई थी I
यद्यपि फिल्म के आविष्कार की घोषणा सर्वप्रथम फ़्रांस ने की लेकिन सर्वाधिक फिल्म निर्माण कार्य अमेरिका, जापान और भारत में होता है I अमेरिका में बनी फिल्म 'अवतार 'उसके बाद, 'Aavengers Endgame' सबसे अधिक कमाई करने वाली फ़िल्में हैं I भारत की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे ' है I
आज की दुनिया सौ साल पहले की दुनिया से बिल्कुल अलग है I इस परिवर्तन का श्रेय हम फ़िल्मों को दे सकते हैं I आज फ़िल्मों के कारण ही विश्व के सारे देश एक दूसरे की संस्कृति और सभ्यता को समझने लगे हैं और एक दूसरे से जुड़े होने का एहसास करते हैं I हर फिल्म देखने वाला इंसान फिल्म के किसी न किसी किरदार में खुद को देखता है I फ़िल्मों ने पिछले कई सालों से सामाजिक विकास और उत्थान का काम किया है और आगे भी करतीं रहेंगी I
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