बेरोजगारी और समस्या समाधान
परिचय
बेरोजगारी की समस्या सार्वभौमिक समस्या है I विश्व का हर देश इस समस्या से जूझ रहा है I आज के ब्लॉग में बेरोजगारी को समझने के लिए प्रयास करते हैं I
जब समाज का कोई सदस्य अपनी योग्यता के अनुसार जीवन यापन करने के लिए आवश्यक धनार्जन नहीं कर पाता और यह स्थिति निरंतर बनी रहती है तो उस अवस्था को हम बेरोजगारी कहते हैं I
बेरोजगारी का अर्थ
बेरोजगारी का शाब्दिक अर्थ होता है 'बिना रोजगार के '
बेरोजगारी वह दशा है जब व्यक्ति योग्य तो होता है पर अपनी योग्यता अनुरूप आजीविका प्राप्त नहीं कर सकता और आजीविका के अभाव में जीवन निर्वाह कठिन हो जाता है
भारत और विश्व में बेरोजगारी
साल 2024 में बेरोजगारी केवल भारत की ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की समस्या बनी हुई है I फोर्ब्स इंडिया के द्वारा किए गए सर्वे में ग्रामीण और शहरी बेरोज़गारी के आकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह समस्या किस तरह से बढ़ती जा रही है l जून 2024 में ग्रामीण बेरोज़गारी की दर 9% तक बढ़ गयी जो उसके पहले मात्र 6% थी l शहरी क्षेत्रों में बेरोज़गारी अपेक्षाकृत कम गति से बढ़ी है लेकिन बढ़ी है l
वैसे तो विश्व के सभी देश बेरोज़गारी की समस्या से जूझ रहे हैं पर बेरोज़गारी की दर हर देश में भिन्न-भिन्न हैं l विश्व के कुछ देश जैसे अफ्रीका ,ब्राजील, स्पेन आदि देशों में बेरोजगारी की दर क्रमशः 32%,08%और 13%है जो चिंता का विषय है जबकि जर्मनी, जापान और रूस जैसे देशों में बेरोजगारी की दर 3%से भी कम है I
क्यों बढ़ रही है बेरोज़गारी?
बेरोजगारी के लिए एक नहीं अनेक कारक हैं जो उत्तरदायी हैं I सबसे पहले तो covid महामारी ने रोजगार की समस्या बढ़ा दी है l इसी के साथ और भी कई कारण हैं जो जिनके बारे में हम आगे पढ़ते हैं l
Covid का आतंक
Covid महामारी के कारण लोगों को अपना बसा बसाया व्यवसाय, कारखाना, कार्यालय आदि छोड़कर अपने घर ,गांव, देश लौटना पड़ा और बेहिसाब बेरोज़गारी बढ़ गई l
आर्थिक मंदी
आर्थिक मंदी के कारण बेरोज़गारी बढ़ती है I जब आर्थिक विकास अवरुद्ध हो जाता है तो औद्योगिक संस्थान नए कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करते हैं उल्टे कार्यरत लोगों को भी निकाल देते हैं जिससे वे बेरोजगार हो जाते हैं I
तीव्रता से बढ़ती तकनीकी
तकनीकी विकास ने बेरोज़गारी की समस्या को बढ़ा दिया है l तकनीकी शिक्षा के अभाव में लोग उन संस्थानों में प्रवेश नहीं कर पाते जहाँ आधुनिक संसाधनों के सहयोग से काम किया जाता है l आधुनिक मशीनों के प्रयोग से 100 लोगों का काम केवल दो चार लोग पूरा कर लेते हैं I
बढ़ती हुई जनसंख्या
पिछले 100 सालों में जनसंख्या अकल्पनीय गति से बढ़ी है I
जिस गति से जनसंख्या वृद्धि हुई उस गति से रोजगार नहीं बढ़े
आजादी के समय भारत की जनसंख्या मात्र 38 करोड़ थी जबकि वर्तमान में 125 करोड़ l कृषि योग्य भूमि के छोटे-छोटे टुकड़े होते चले गए जिससे अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करके उत्पादन बढ़ाना मुश्किल है l
उदासीन शासन व्यवस्था
हमारी शासन व्यवस्था सुस्त और ढीली है I शीघ्रता से योजनाबद्ध कार्यक्रम नहीं चलाए जाते,न दूर की सोच होती है
सरकारी नीतियों के कारण नौकरियां चली जाती हैं I सरकारें व्यापार पर अत्यधिक प्रतिबंध लगा देती हैं जिससे उनका विकास नहीं हो पाता और वे रोजगार निर्माण नहीं कर पाते l
इनके अलावा सही शिक्षा की कमी, कुशलता की कमी, जनता की अजागरुकता भी बेरोज़गारी को बढ़ावा देते हैं l
समाधान कैसे हो?
बेरोजगारी एक ऐसी समस्या है जिसका समाधान किसी एक के द्वारा सम्भव नहीं है l इसके लिए हमें कई स्तरों पर काम करना होगा जैसे व्यक्तिगत स्तर पर, सामाजिक स्तर पर और सरकारी स्तर पर भी l और विस्तार से जानने का प्रयास करते हैं-
बढ़ती हुई जनसंख्या पर नियंत्रण
बेरोजगारी की दर को कम करने के लिए जनसंख्या पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है I सरकारों को परिवार नियोजन कार्यक्रम को गंभीरता पूर्वक समाज के हर वर्ग पर लागू करना चाहिए l. नियंत्रित जनसंख्या वृद्धि से उपभोग और उत्पादन में संतुलन बना रहेगा l इससे बेरोज़गारी की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी l
शिक्षा का स्तर उन्नत करना
समाज में केवल नौकरी पाने के लिए शिक्षा हासिल करने का चलन है I सरकार ,समाज, परिवार सभी शिक्षा के वास्तविक उद्देश्यों के प्रति उदासीन होते हैं l शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तित्व का निर्माण करना, व्यावसायिक कौशल प्रदान करना होता है I जबकि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था इन उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पाती l इस बात पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए सशक्त योजनाओं के माध्यम से शिक्षा को उपयोगी बनाने का प्रयास करना होगा l
व्यावसायिक प्रशिक्षण देना
केवल काग़ज़ी सर्टिफिकेट और डिग्रियाँ बांटने की बजाय किसी विशेष क्षेत्र की शिक्षा देकर रोजगार निर्माण सुलभ करना चाहिए l आधुनिक तकनीकों तथा उपकरणों का इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षण देना चाहिए ताकि लोग ऐसे संस्थानों में जाकर वहां कुशलता पूर्ण कार्य कर सकें l
सचेत और सक्रिय शासन प्रणाली
सरकारी नीतियां ऐसी होनी चाहिए जिससे कि बड़े उद्योगों को सकारात्मक रूप से बढ़ावा मिल सके ताकि वे नई नौकरियों का सृजन कर सकें l छोटे और मध्यम वर्ग के उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण बेरोज़गारी को कम किया जा सकता है I स्किल इंडिया मिशन ,मुद्रा योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना आदि योजनाओं के सहयोग से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है l
सामाजिक जागरूकता
जागरूक समाज - समाज की हर समस्या का समाधान कर सकता है I समाज को स्वरोजगार के तरीके खोजना चाहिए l समाज के प्रत्येक सदस्य के लिए काम की व्यवस्था करना किसी भी समाज विशेष को अपना उत्तरदायित्व समझना चाहिए l
स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना
स्थानीय लोगों के लिए स्थानीय जरूरत के हिसाब से स्वयं का कारोबार शुरू करना, एकदूसरे के सहयोग से कोई कारोबार शुरू करना-इसी प्रकार के अन्य उपाय करके लोगों के लिए अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है l
ऑनलाइन रोजगार
आजकल Google ने अनेक प्लेटफॉर्म दिए हैं जिन पर आसानी से काम ढूंढा जा सकता है lupwork,freelancer आदि कुछ ऐसे ही मंच हैं जहां हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं I आजकल affiliate marketing भी जॉब प्रदान करते हैं I
सारांश
वर्तमान समय में बेरोजगारी एक जटिल समस्या जरूर है लेकिन ऊपर वर्णित सुझावों को अमल में लाकर हम इसे कम कर सकते हैं I लेकिन इसके लिए हर वर्ग को निरंतर प्रयास करना होगा तभी हम यह दुष्कर कार्य कर पाएंगे l
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