भारत में प्रथम महिला
परिचय
हर स्त्री की अपनी कहानी होती है क्योंकि न केवल हमारे देश में ब्लकि पूरी दुनिया में स्त्री को अबला समझा जाता है I इतिहास से हमें पता चलता है कि भारतीय प्रायद्वीप में सभ्यता का विकास सबसे पहले हुआ I सामाजिक विकास स्त्री पुरुष की सहभागिता पर निर्भर होता है I सभ्यताओं के विकास के आरंभिक दौर में लोग इस बात को समझते थे लेकिन धीरे-धीरे समाज में पुरुष का वर्चस्व बढ़ता गया और उसने स्त्री को अबला बता कर घर में ही रोक दिया I
हजारों वर्ष तक समाज ऐसे ही चलता रहा और जब आधुनिक युग की शुरुआत हुई तो सारा परिदृष्य बदलने लगा I स्त्री पुरुष की बराबरी, समाज के लिए दोनों के उत्तरदायित्व के महत्व को समझा जाने लगा I और इस तरह एक नए युग की शुरुआत हुई I
इस बार हम अपने देश की उन महिलाओं के बारे में जानेंगे जिन्होंने सामाजिक धारा के विपरीत बहकर नया मुकाम हासिल किया और दूसरों को भी जगाया I
सावित्री बाई फुले
सावित्री बाई फूले को भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में जाना जाता है I इनका जन्म महाराष्ट्र राज्य के सतारा जिले में 3 जनवरी 1831 को हुआ था I इनको शिक्षा इनके पति के द्वारा मिली जो खुद एक कर्मठ सामाजिक कार्यकर्ता थे I समाज में जागृति लाना उनका परम उद्देश्य था I इस उद्देश्य प्राप्ति हेतु उन्होंने पहले अपनी पत्नी को शिक्षित किया और फिर अन्य महिलाओं को शिक्षित करने के लिए उन्हें प्रेरित किया I इसके बाद बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षित करने का प्रयास आजीवन चलता रहा और उस का परिणाम यह हुआ कि महिलाओं के साथ ही साथ पुरुष वर्ग भी जागरूक होने लगा I और एक अच्छे ,स्वस्थ समाज का निर्माण होने लगा I
सरोजिनी नायडू
सरोजिनी नायडू एक प्रतिभाशाली बालिका थीं I इनका जन्म हैदराबाद में 13 फरवरी 1879 को हुआ था I इनके पिता एक विद्वान तथा माँ एक कवयित्री थींl सरोजिनी ने भी 13 वर्ष की उम्र में कविता लिखना प्रारंभ कर दिया था I बाद में उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लेना शुरू कर दिया इसी क्रम में आगे चलकर वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं I वे एक कुशल राजनीतिज्ञ थीं I आजादी के बाद वे संयुक्त प्रांत की प्रथम महिला राज्यपाल बनीं I
सुचेता कृपलानी
सुचेता कृपलानी का जन्म 25 जून 1908 को अंबाला में हुआ था I सुचेता स्वतंत्रता आन्दोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया करती थीं I महात्मा गाँधी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने का फैसला लिया I 1940 में उन्होंने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की स्थापना की I देश की आजादी के बाद 1963 में उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनीं I
इंदिरा गांधी
इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में हुआ I इनके पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू थे जो एक स्वतंत्रता सेनानी थे और स्वतंत्रता के बाद देश के प्रथम प्रधानमंत्री बने और सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहे I इंदिरा गांधी को राजनीति की अच्छी समझ थी जो उन्हें अपने पिता तथा महात्मा गांधी जैसे लोगों से मिली थी I 1966 में भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने पद भार संभाला I शक्तिशाली व्यक्तित्व और कठिन से कठिन फैसले तुरंत लेना और उस अडिग रहना आदि गुणों के कारण इन्हें 'आयरन लेडी' के नाम से जाना जाता है I 1984 में इनकी राजनीतिक हत्या कर दी गई I
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल
प्रतिभा पाटिल का जन्म 19 दिसम्बर 1934 में महाराष्ट्र राज्य के जलगांव जिले के नंदगांव में हुआ I प्रतिभा पाटिल एक राजनीतिज्ञ होने के साथ साथ वकील भी हैं I वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय मंत्री हैं I नेहरू परिवार के काफी करीब हैं लेकिन इस करीबी को कर्त्तव्यों के बीच नहीं आने दिया I 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक उन्होंने भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनकर संपूर्ण भारतीय नारियों का मान बढ़ाया है I
द्रौपदी मुर्मू
द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समाज की प्रथम महिला हैं जो वर्तमान समय में भारत की राष्ट्रपति हैं I इनका जन्म 20 जून 1958 को उड़ीसा राज्य के मयूरभंज जिले में स्थित उपरबेड़ा नामक गांव में हुआ I माननीय राष्ट्रपति महोदया एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक अध्यापिका भी रह चुकी हैं I वे भारतीय जनता पार्टी की ओर से हैँ और बखूबी अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर रही हैं I
सारांश
स्त्री शक्ति की कहानी इतनी बड़ी है कि इसके लिए और अधिक आलेखन की आवश्यकता होगी I जिन महिलाओं ने समाज की निरर्थक परंपरागत नीतियों के खिलाफ जाकर खुद को साबित किया और बाकियों के लिए प्रेरणा बनीं उनके बारे में जानना और बताना दोनों ही जरूरी है I
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