नव जागरण

 🇮🇳भारत  जम्बू द्विप, हिंदुस्तान, इन्डिया इन नामों को सुन कर बहुत गर्व महसूस होता है I 😇भारत का गौरवशाली इतिहास पढ़कर ऐसा लगता है कि हम धन्य हैं जो हमने इस देश में जन्म लिया है I 😇''चांद में भी दाग होता है I''यह कहावत बहुत प्रचलित है I यह कहावत हमारे देश के लिए एकदम सटीक बैठती है I समृद्ध संस्कृति ,भव्य सभ्यता श्रेष्ठ शास्त्र आदि के बावजूद भारतीय समाज में समय के साथ साथ अनेक बुराईयां आतीं चली गई l 🥺''वर्ण व्यवस्था'' जिसकी शुरुआत शायद उचित अवधारणा के साथ हुई मगर आगे चलकर इस व्यवस्था ने सारा सामाजिक तानाबाना ही बिगाड़ कर रख दिया I 

समाज को चार वर्गों में विभाजित कर दिया गया I एक वर्ग ने खुद को अन्य वर्गों से श्रेष्ठ बताया I 💪बाकी वर्गो को अपना सेवक बना दिया I 😏😒ऐसा होने में एक लंबा समय लगा पर ये सामाजिक व्यवस्था अन्याय पूर्ण थी I जिन चार वर्गों में समाज को बांटा गया था वे थे 👉ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र I ब्राह्मण खुद को समाज में सबसे बड़ा बताते थे I अन्य वर्गों के लोगों को पाप से मुक्त होने के लिए पूजा-पाठ करने का आश्वासन दिया करते थे I पढ़ने लिखने का काम और अधिकार अपने पास रख लिया I 👨‍🎓

शुरु शुरू में सब ठीक ही चल रहा था🙂 लेकिन कुछ लोग जो बहुत ही अधिक क्रूर और लालची प्रकृति के थे 😎उन्होंने असहाय अशिक्षित लोगों को सताने के लिए अनेक तर्कहीन नियम और कानून व्यवस्था लागू कर दी जिसके कारण एक सामान्य मनुष्य का जीवन अत्यंत कष्टदायक और निम्न स्तर का हो गया I 😭लोग निम्न स्तर की जीवन शैली, उच्च वर्ग द्वारा प्रताड़ना, दुख, दरिद्रता को अपना भाग्य समझने लगे I 😓समय   बीताता रहा, नियति मानकर लोग इसी तरह जीते रहे I 👤

हमारे देश में एक लंबा इतिहास रहा है आक्रमणकारियों का I 🎎विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारी धन संपदा को लूटा 👑💰लेकिन अपनी संस्कृति और सभ्यता से हमारे देश में नए विचार को बढ़ावा दिया I वैचारिक क्रांति अंग्रेजी शासन काल 🇬🇧में जितनी अधिक हुई उतनी पहले कभी नहीं हुई I पश्चिमी देशों के साथ संबंध का एक बड़ा प्रभाव पड़ा हमारे देश पर I  लोग छोटे-बड़े,  ऊंच-नीच,  अमीर- गरीब,छूत-अछूत आदि की सार्थकता - असार्थकता पर विचार विमर्श करने लगे I 🔍भारत से बाहर जाने वाले भारतीय नागरिकों ने देखा कि संस्कृति, सभ्यता, धन, सम्पदा आदि से संपन्न होते हुए भी हम पाश्चात्य सामाजिक व्यवस्था की तुलना में काफी पीछे हैँ I 

राजा राममोहन राय, स्वामी दयानन्द सरस्वती, विवेकानंद ,रामकृष्ण परमहंस ऐसे अनगिन नाम हैँ 👈जिन्होंने भारतीय समाज सुधार हेतु आजीवन प्रयास किया💪  आज हम अपने देश में सामाजिक समता का जो रूप देखते हैं वो इनके जैसे देश भक्तों🇮🇳 की बदौलत ही है I समाज सुधार का बीड़ा उठाने वाले देश प्रेमियों ने🎖 नई चेतना का जागरण🔆 करके भारतीय समाज व्यवस्था को नव जीवन प्रदान किया 🏜

भारतीय समाज में व्याप्त बुराईयों को दूर करने वाले भारतीय लोगों और विदेशी नागरिकों  के अतुलनीय योगदान के लिए सभी देश वासियों की ओर से शत शत नमन 🙏🙏🙏🙏🙏

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