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काजी नज़रूल इस्लाम (A Rebel Poet)

 परिचय  काजी नजरूल इस्लाम 🙏एक ऐसा प्रतिभाशाली व्यक्ति जो एक नहीं अनेक गुणों का स्वामी था I जन्म एक ऐसे समय में हुआ जब देश में आज़ादी की जंग रूपी फसल अंकुरित हो रही थी I पिता एक इमाम और माता एक कुशल गृहणी I माता पिता ने गरीबी के बावजूद इनके पालन पोषण में अपना सर्वोत्तम प्रयास किया I संवेदनशीलता के कारण छोटी सी उम्र में परिवार का सहारा बन गए I जैसे जैसे उम्र बढ़ी वैसे ही वैस जिम्मेदारियां भी बढ़ती चली गईं I देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करना भी उन्हीं जिम्मेदारियों में से एक थी I  जन्म  24 मई 1899 को ब्रिटिश कालीन भारत, अविभाजित बंगाल के चूरूलिया  में एक ब्रिटिश विद्रोही ने बालक के रूप में जन्म लिया I माता पिता ने नाम रखा काज़ी नजरूल I पिता का नाम काज़ी फकीर अहमद था I माता का नाम जाहिदा खातून था I गरीबी के कारण जीवन यापन कठिनाई से हो पाता था I परिवार में धन की कमी थी पर आत्मसम्मान,  दरियादिली और ईमान की नहीं l पत्नी और बच्चे  पत्नी का नाम  प्रमिला देवी था I बच्चे काज़ी सव्यसाची, काज़ी अनिरुद्ध ,कृष्णा मोहम्मद, अरिंदम खालिद I एक पोता काज़ी फकीर अहमद औ...

बुद्ध पूर्णिमा

 परिचय  गौतमबुद्ध भगवान विष्णु के 9 वें अवतार माने जाते हैं I 2585 वर्ष पूर्व वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 🌝 को नेपाल के लुम्बिनी नामक स्थान पर इनका जन्म हुआ था I इस कारण आज  यह स्थान यूनेस्को की विश्व विरासतों की सूची में शामिल किया गया है I बुद्ध के पिता इक्ष्वाकु कुल के राजा 👑 थे I उनका नाम शुद्दोधन था I माता का नाम महामाया था 👸I जब बुद्ध का जन्म हुआ था उनके तलवों में शंख का चिन्ह था I राजकुमार का नाम सिद्धार्थ रखा गया I पुरोहितों ने बताया कि यह बालक अत्यंत प्रतिभाशाली है I बड़ा होकर या तो यह चक्रवर्ती सम्राट 👑बनेगा या तो बहुत बड़ा विद्वान 🧑‍💻बनेगा I सन्यासी बन जाने की संभावना भी जतायी I बेटा सन्यासी न बन जाए इसलिए सारी सुख सुविधा महल के अंदर ही कर दी गई l लेकिन न तो महल की दीवारें न तो सुख सुविधाएं ना ही नव वैवाहिक जीवन ,👩‍👧‍👧कुछ भी सिद्धार्थ को सत्य की खोज करने से रोक नहीं पाए I                 आधी रात में सब कुछ छोड़कर वे ज्ञान की प्राप्ति के लिए निकल गए I सात वर्षों तक भटकने के बाद वैशाख की पूर्णिमा को बि...

Woman of india

 Introduction (परिचय) भारतीय महिलाएँ अपनी शक्ति, सौंदर्य, सुचरित्र, मातृत्व, सहानुभूति, सहनशीलता, संघर्षशीलता आदि गुणों के लिए सम्पूर्ण विश्व में जानी जाती हैं I इस बात की पुष्टि न सिर्फ़ भारत के ब्लकि विश्व के अन्य देशों के विद्वान भी कर चुके हैं I कई अध्ययन इस बात को साबित कर सकते हैं I आज इसी विषय पर लिखने का मन बना है I तो चलिए कुछ और बातें करते हैं भारतीय महिलाओं की I  Indian Women in Ancients India (प्राचीन काल में भारतीय  महिलाएं) भारत की हर औरत ने समाज में उत्थान की चरम सीमा से लेकर पतन की गहरी खाइयों को देखा है I एक समय था जब भारत की नारी पुरुषों के बराबर थी I समाज में पुरूषों के बराबर अधिकार और सम्मान पाती थी I घर से लेकर रणभूमि तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराती थी I ये समय था आरंभिक वैदिक युग का I हमारे देश में 5000 ईसा पूर्व से लेकर 500 ईसा पूर्व तक अनेक सभ्यताओं के उत्थान से पतन के साक्ष्य मिलते हैं I 500 ईसा पूर्व से पहले भारत में स्त्रियों की सामाजिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण थी I ईसा पूर्व 500 के बाद स्मृतियाँ लिखी जाने लगीं I जिसके कारण महिलाओं की सामाजिक स्थिति...

नव जागरण

 🇮🇳भारत  जम्बू द्विप, हिंदुस्तान, इन्डिया इन नामों को सुन कर बहुत गर्व महसूस होता है I 😇भारत का गौरवशाली इतिहास पढ़कर ऐसा लगता है कि हम धन्य हैं जो हमने इस देश में जन्म लिया है I 😇''चांद में भी दाग होता है I''यह कहावत बहुत प्रचलित है I यह कहावत हमारे देश के लिए एकदम सटीक बैठती है I समृद्ध संस्कृति ,भव्य सभ्यता श्रेष्ठ शास्त्र आदि के बावजूद भारतीय समाज में समय के साथ साथ अनेक बुराईयां आतीं चली गई l 🥺''वर्ण व्यवस्था'' जिसकी शुरुआत शायद उचित अवधारणा के साथ हुई मगर आगे चलकर इस व्यवस्था ने सारा सामाजिक तानाबाना ही बिगाड़ कर रख दिया I  समाज को चार वर्गों में विभाजित कर दिया गया I एक वर्ग ने खुद को अन्य वर्गों से श्रेष्ठ बताया I 💪बाकी वर्गो को अपना सेवक बना दिया I 😏😒ऐसा होने में एक लंबा समय लगा पर ये सामाजिक व्यवस्था अन्याय पूर्ण थी I जिन चार वर्गों में समाज को बांटा गया था वे थे 👉ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र I ब्राह्मण खुद को समाज में सबसे बड़ा बताते थे I अन्य वर्गों के लोगों को पाप से मुक्त होने के लिए पूजा-पाठ करने का आश्वासन दिया करते थे I पढ...