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महर्षि वाल्मीकि

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महर्षि वाल्मीकि      परिचय  महर्षि वाल्मीकि को जगत विख्यात महाकाव्य रामायण के रचयिता के रूप में जाना जाता है I कई हजार वर्ष पूर्व रचित  रामायण में समय, स्थान आदि के बारे में जो सटीक वर्णन किया गया है उसे देखकर लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं कि  आज जब तकनीकी के इस युग में भी किसी वस्तु विशेष के बारे में  सटीक जानकारी प्राप्त कर पाना मुश्किल हो जाता है तो इतने पुराने समय में समय, स्थान और घटनाक्रमों के बीच तारतम्य स्थापित कैसे किया गया होगा l  जन्म और प्रारंभिक जीवन  महर्षि वाल्मीकि के जन्म के बारे में कोई प्रामाणिक जानकारी नहीं मिलती l उपनिषदों में बस इतना ही वर्णन किया गया है कि ऋषि कश्यप और देवी अदिति की नौवीं संतान वरुण से महर्षि वाल्मीकि का जन्म हुआ था l                    एक किंवदन्ती यह भी है कि वाल्मीकि का असली नाम रत्नाकर था और वह एक जंगल में रहते थे l जंगल के रास्ते जो कोई जाता था उसे लूट लेते थे l ईश्वर की ईच्छा के अनुरूप मुनि नारदजी उस रास्ते से गुज़रे l हमेशा की तरह रत्नाकर ने हमला कर ...

नया भारत पुराना दशहरा

  परिचय  सम्पूर्ण भारत में दशहरा पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है इस त्योहार को मनाने के कारण क्या हैं?,वर्तमान कालीन भारत और विश्व में इसका महत्व क्या है?,दशहरा पर्व किन किन तरीकों से मनाया जाता है?ऐसे ही कुछ प्रश्नों के उत्तर इस अंक में जानने का प्रयास करते हैं I  क्यों मनाया जाता है दशहरा? दशहरा पर्व दो प्रमुख कारणों से मनाया जाता है  एक बार जब रावण ने माता सीता का हरण कर  लिया और उन्हें अपने महल के एक बगीचे में बंदी  बना कर रखा था तब माता सीता के पति राजा राम  ने रावण सहित उसकी पूरी सेना तथा उसके पूरे कुल  का विनाश कर के अपनी पत्नी सीता को रावण की कैद  मुक्त कराया l रावण के दस सिर होने की वजह से उसके  अंत के दिन को हर साल दशहरा के नाम से जाना जाता है I                 एक बार जब सारी दुनिया में महिषासुर नामक असुर ने आतंक मचा रखा था तब माता दुर्गा ने नौ दिनों तक  महिषासुर से युद्ध किया और दसवें दिन उसका संहार करके  दुनिया में शांति स्थापित की l तभी से यह त्योहार बड़ी धूमधाम से ...

बेरोजगारी और समस्या समाधान

 परिचय  बेरोजगारी की समस्या सार्वभौमिक समस्या है I विश्व का हर देश इस समस्या से जूझ रहा है I आज के ब्लॉग में  बेरोजगारी को समझने के लिए प्रयास करते हैं I  जब समाज का कोई सदस्य अपनी योग्यता के अनुसार जीवन यापन करने के लिए आवश्यक धनार्जन नहीं कर पाता और यह स्थिति निरंतर बनी रहती है तो उस अवस्था को हम बेरोजगारी कहते हैं I  बेरोजगारी का अर्थ  बेरोजगारी का शाब्दिक अर्थ होता है 'बिना रोजगार के ' बेरोजगारी वह दशा है जब व्यक्ति योग्य तो होता है पर अपनी योग्यता अनुरूप आजीविका प्राप्त नहीं कर सकता और आजीविका के अभाव में जीवन निर्वाह कठिन हो जाता है भारत और विश्व में बेरोजगारी  साल 2024 में बेरोजगारी केवल भारत की ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की समस्या बनी हुई है I फोर्ब्स इंडिया के द्वारा किए गए सर्वे में ग्रामीण और शहरी बेरोज़गारी के आकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह समस्या किस तरह से बढ़ती जा रही है l जून 2024 में ग्रामीण बेरोज़गारी की दर 9% तक बढ़ गयी जो उसके पहले मात्र 6% थी l शहरी क्षेत्रों में बेरोज़गारी अपेक्षाकृत कम गति से बढ़ी है लेकिन बढ़ी है l  ...

हमारे प्यारे बापू

 सब धरती काग़ज़ करुँ,   लेखनी सब बनराई, सात समुद्र को मसी करूँ, हरी गुण लिखया न जाए l  ये पंक्तियाँ हमारे 'बापू'  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के व्यक्तित्व पर सटीक बैठती हैं l महात्मा गाँधी का जीवन और उनके कार्य आसानी से बता पाना सम्भव नहीं है फिर भी  उनके बारे में कुछ बातें जानने का प्रयास करते हैं l  जन्म: दिनांक और स्थान  गाँधी जी का पूरा नाम मोहन दास करमचंद गाँधी था l इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात राज्य के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था l पिता करमचंद और माता पुतली बाई थी l पिता जी राजकोट के दीवान थे l माता पुतली बाई धार्मिक विचारों की धनी थीं l माँ के आदर्श और संस्कारों ने बचपन से ही बालक मोहन दास को संस्कार वान बनाया l  शिक्षा और व्यवसाय  गाँधी जी का जन्म स्थान पोरबंदर था इसलिए उनकी प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर में हुई और आगे की शिक्षा राजकोट में पूरी हुई l उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए 19 वर्ष की उम्र में 1988 में इंग्लैंड चले गए l इंग्लैंड में उन्होंने कानून की पढ़ाई कीl 1891 में 'इनर टेंपल लॉ स्कूल ऑफ लंदन' से कानून की पढ़ाई पूरी की l...